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योगी जी, मेरी जमीन हड़प ली-कहाँ लगाऊं फरियाद-कैसे बचाऊं जान

योगी जी, मेरी जमीन हड़प ली-कहाँ लगाऊं फरियाद-कैसे बचाऊं जान

मुजफ्फरनगर। सड़क के नजदीक आई भूमि के बदले कृषि कि अधिक भूमि और रुपए देने का लालच देते हुए एक गरीब को विश्वास में लेकर दबंग ने उसकी जमीन दो किस्तों में अपने नाम करा ली। आजकल में बैनामा करने का आश्वासन देते हुए बदले में अपनी भूमि देने से बाद में इंकार कर दिया। पीड़ित ने जिला मुख्यालय पहुंचकर डीएम को प्रार्थना पत्र देते हुए न्याय की गुहार लगाई। डीएम ने मामले का संज्ञान लेते हुए गरीब की भूमि पर किए जा रहे निर्माण को तत्काल प्रभाव से रुकवा दिया। गरीब ने सीएम से न्याय दिलाने की गुहार लगाई है।

दरअसल मंसूरपुर थाना क्षेत्र के गांव जोहरा निवासी अश्वनी कुमार उर्फ मिंटू दत्तक पुत्र सहदेव सिंह की कार की भूमि गांव इस्लामाबाद तहसील खतौली में जोहरा रोड पर स्थित है। उक्त भूमि एंजेल्स पब्लिक स्कूल के पूरब में है। अश्वनी कुमार को रितिक राठी पुत्र जागन सिंह निवासी ग्राम दुधाखेड़ी थाना मंसूरपुर ने वर्ष 2019 के दिसंबर माह में कहा कि वह अपनी डेढ़ बीघा जमीन का उसके नाम बैनामा कर दे, जिसके बदले रितिक राठी अश्वनी कुमार को गांव जोहरा स्थित 7 बीघा भूमि उसके नाम करते हुए 5 लाख रुपए भी उसे दे देगा। अश्वनी कुमार ने अपनी जमीन उसके नाम करने से इंकार कर दिया लेकिन रितिक राठी लगातार उस पर दबाव बनाता रहा और अंततः विश्वास में लेकर अश्वनी कुमार की भूमि का बैनामा अपने नाम करा लिया।

रितिक राठी ने 700 वर्ग भूमि का बैनामा अपनी माता कविता के नाम कराया और 700 वर्ग गज भूमि उसने अपने नाम कराई। बाद में जब अश्वनी कुमार ने रितिक राठी को वादे के मुताबिक 7 बीघा कृषि भूमि अपने नाम करने और ₹500000 देने की मांग की, तो आरोप है कि रितिक राठी ने दबंगता दिखाते हुए वादे के मुताबिक अपनी कृषि भूमि उसके नाम करने और ₹500000 देने से इनकार कर दिया। इतना ही नहीं आरोपी रितिक राठी ने पीड़ित अश्वनी कुमार को जाति सूचक शब्द कहते हुए अन्य धमकियों के साथ जान से मारने तक की धमकी दे दी। इस मामले में पीड़ित का कहना है की पीड़ित ने जब पुलिस से सहायता मांगी तो पुलिस ने उल्टा उसको ही धमका दिया और जबरदस्ती उससे कोरे कागज पर उसके हस्ताक्षर करा लिए। जिस पर बाद में पुलिस ने खुद ही फैसलानामा लिख दिया। मामला यहीं नहीं रुका बल्कि आरोपी रितिक राठी ने अश्वनी कुमार की भूमि पर निर्माण कार्य भी शुरू कर दिया। जमीन हाथ से जाती हुई देखकर अश्वनी कुमार सीधा जिलाधिकारी के पास पहुंचा और उन से न्याय की गुहार लगाई डीएम ने मामले का संज्ञान लेते हुए पुलिस फोर्स को भेजकर अश्वनी कुमार की भूमि पर कराए जा रहे निर्माण कार्य को रुकवा दिया लेकिन उस समय तक रितिक राठी अश्विनी कुमार की भूमि पर एक कमरे का निर्माण करा चुका था। अब अश्वनी कुमार की भूमि पर धोखे से कराए गए बेनामे के मुताबिक अश्वनी राठी ने कब्जा कर लिया है। गौरतलब तथ्य यह की अश्विनी कुमार जाति से चमार है और उसे जमीन बेचने की अभी सरकारी परमिशन भी नहीं मिली है। इसके बावजूद बैनामा कराना सरकारी नियमों के मुताबिक अवैध ही कहा जा सकता है। अब तक पीड़ित को न तो पैसा मिला न जमीं मिली।

दबंग द्वारा पीड़ित व उसके परिवार को जान से मारने की धमकी दी जा रही है। पीड़ित व उसका परिवार खौफ के साए में जी रहा है। पीड़ित का कहना है कि पुलिस भी उसका साथ नहीं दे रही है। जबरदस्ती पुलिस ने उसे कोरे कागज पर साइन करा लिए हैं। पीड़ित ने सूबे के मुख्यमंत्री योगी जी को पत्र भेजकर अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा की गुहार लगाई है। पीड़ित का कहना है कि वह बाहर मजदूरी करती है उसकी पत्नी व बच्चे घर पर अकेले रहते हैं ऐसे में उनके साथ कोई भी बड़ा हादसा हो सकता है पुलिस भी उनकी एक नहीं सुन रही है। साथ ही योगी जी से कहा है कि मुख्यमंत्री जी अब उसकी जमीन को आप ही उसे वापस दिला सकते हैं। जान से मारने की धमकियां के कारण पूरा परिवार खौफ के साए में जीने को मजबूर है। एक तरफ तो मुख्यमंत्री योगी के राज में भूमाफिया पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जा रही है। वहीं दूसरी ओर इस केस में देखने को मिल रहा है कि पीड़ित को और ज्यादा पीड़ित किया जा रहा है। वही पुलिस द्वारा भूमाफिया का साथ दिया जा रहा है। अब मामला मुख्यमंत्री के दरबार में पहुंच चुका है। पीड़ित को पूरा विश्वास है कि मुख्यमंत्री उन्हें न्याय दिलाएंगे।

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