जिलाधिकारी ने ग्राम फलावदा में पोषण माह के अन्तर्गत सुपोषण स्वास्थ्य मेलें का शुभारम्भ किया

जिलाधिकारी ने ग्राम फलावदा में पोषण माह के अन्तर्गत सुपोषण स्वास्थ्य मेलें का शुभारम्भ किया

मुज़फ्फ़रनगर । जिलाधिकारी सेल्वा कुमारी जे ने आज पोषण माह के चौथे दिन विकास खण्ड पुरकाजी के ग्राम फलावदा के स्वास्थ्य केन्द्र में स्वास्थ्य सुपोषण मेले का शुभारम्भ किया।





सुपोषण स्वास्थ्य मेला के लिए निर्धारित गतिविधियों के साथ-साथ हैन्ड वाशिंग काउण्टर अनिवार्य रूप से बनाये जायेगे स्वच्छता एवं साफ सफाई के बारे मेें जागरूक किया। इस पर विभिन्न विभागाें द्वारा अपने अपने विभाग की संचालित कल्याणकारी योजनाओं से उपस्थित जनसमूह को अवगत कराया गया। इसके अतिरिक्त सुपोषण स्वास्थ्य मेला में गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य जांच जिसमें हीमोग्लोबिन यूरिन एवं ब्लड प्रेशन की जांच की गयी। इसके अन्तर्गत किशोरियों एवं बालिकाओं की हिमोग्लोबिन एवं स्वास्थ्य जांच टीटी का इंजेक्शन बच्चों की स्वास्थ्य जांच भी की गयी।






जिलाधिकारी द्वारा सुपोषण स्वास्थ्य मेले में गर्भवती महिलाओं की गोद भराई भी की गयी एवं माताएं द्वारा अपने घर से फल सब्जी से बने स्वादिष्ट व्यंजन लाये गये।






जिलाधिकारी ने 05 बालिकाओं को स्वास्थ्य कार्ड वितरित किये।



जिलाधिकारी ने बच्चों तथा गर्भवती महिलाओं को पोष्टाहार वितरित किया। उन्होने कहा कि 6 माह के ऊपर के छोटे बच्चे जो आगे देश का भविष्य है उनके पोषण का पूर्ण ध्यान रखा जाये। बच्चें के 6 माह पूर्ण होने पर उसे ऊपरी आहार दिया जाना सुनिश्चत किया जाये। उन्होने कहा कि इसमें परिवार के सभी सदस्यों को ध्यान देना चाहिए। उन्होने कहा कि यही वह बच्चे है जो आगे युवा बनेगे अगर युवा ही कमजोर होगा तो जनपद, प्रदेश व देश का भविष्य कैसा होगा। इसलिए हमें इस और बहुत ध्यान देने की आवश्यकता है। खासकर 6 माह के बाद के बच्चों पर। उन्होने कहा कि उनके पोषण का पूर्ण ध्यान रखा जाये। उन्होने कहा कि जनपद को कुपोषण मुक्त किया जायेगा। उन्होने कहा कि जनपद में कोई भी बच्चा अति कुपोषित नही रहना चाहिए। उसके खान-पान पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।






जिलाधिकारी ने कहा कि पोषण माह के दौरान प्रत्येक सप्ताह का दिनांक वार गतिविधि सम्बन्धी कलेण्डर जारी किया गया है, जिसके अनुसार माह सितम्बर के प्रथम सप्ताह को पुरूष भागीदारी सप्ताह के रूप में मनाया जा रहा है। इसके अन्तर्गत 3 सितम्बर 2019 को स्कूल/आंगनवाडी के प्रांगण में परिवार के पुरूष सदस्यों एवं किसानों की सहभागिता सुनिश्चित करते हुए पोषण वाटिका बनाने एवं पोष्टिक साग-सब्जियां उगाने के बारे में उद्यान विभाग, स्कूल शिक्षक तथा आंगनवाडी कार्यकत्रियों के द्वारा इसके महत्व को आम जन तक पहुचाने हेतु आज सुपोषण स्वास्थ्य मेला का आयोजन किया गया। प्रथम सप्ताह में 05 तारीक को बचपन दिवस को बाल सुपोषण के उत्सव के रूप में मनाया जायेगा इस अवसर पर 06 माह से 06 वर्ष के बच्चों को आंगनबाडी केन्द्रों पर एक साथ समूह में बिठाकर खाना खिलाया जायेगा। इसके लिए माताये अपने घर से स्वादिष्ट व्यंजन बनाकर लायेगी।






जिलाधिकारी ने कहा कि इस योजना में स्वास्थ्य विभाग, पंचायतराज विभाग,खाद एवं रसद विभाग, शिक्षा विभाग आदि सम्बन्धित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य कर रहे है। बच्चों के सर्वागींण विकास में जीवन के पहले एक हजार दिनों का अत्यधिक महत्व होता है। प्रायः देखा जाता है कि बच्चों में कुपोषण की गम्भीरता 06 माह से 02 वर्ष के मध्य तेजी से बढती है। जिसमें सुधार के लिये राष्ट्रीय स्तर पर पोषण माह का आयोजन किया जा रहा है। इस वर्ष पोषण माह की थीम-उपरी आहार रखी गयी है, जिसके अन्तर्गत 0 से 02 वर्ष तक के बच्चों में कुपोषण एवं बीमारी की रोक थाम हेतु जागरूक किया जायेगा।






इस अवसर पर प्रभारी मुख्य विकास अधिकारी महेन्द्र प्रसाद, सीएमओ पीएस मिश्रा, उप जिलाधिकारी सदर कुमार धमेन्द्र सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

Top