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सूर्य चले शनि के घर, कौन सी राशियों को होगा महालाभ

सूर्य चले शनि के घर, कौन सी राशियों को होगा महालाभ

मुज़फ्फरनगर। मकर संक्राति का पर्व 14 जनवरी को धूमधाम के साथ मनाया जायेगा। इस दिन भगवान सूर्य देव, जिन्हें ग्रहों का राजा कहा जाता है, वे शनिदेव की साधारण राशि मकर में सुबह के समय प्रवेश कर जायेंगे। वैसे तो शनिदेव भगवान सूर्य देव के पुत्र हैं, लेकिन दोनों एक दूसरे के शत्रु हैं। मकर में ही शनिदेव का फिलहाल गोचर चल रहा है और देवगुरू बृहस्पति भी इस वक्त मकर राशि में ही विराजमान हैं। बुध भी मकर में हैं और चन्द्र भी इसी में हैं। मकर में सूर्य देव के प्रवेष से पांच गृहों का संगम हो जायेगा। कुछ राशि के लिए अच्छा, तो कुछ के लिए बुरा प्रभाव लेकर आयेगा। आईये जानते हैं, किस राशि पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा।

मेश- दशम में गोचर से सर्वोत्तम राजयोग का निर्माण होगा। सामाजिक, राजनीतिक जीवन में अप्रत्याशित लाभ होगा। नौकरी के क्षेत्र में मान-सम्मान बढ़ायेगा। सूर्य बेहद कमजोर हो यदि कुंडली में तो थोड़ी दिक्कत होगी। मां का स्वास्थ्य बिगड़ सकता है। मां की सेहत का ख्याल रखें। कुल मिलाकर गोचर लाभदायी होगा।

वृष- सूर्य का गोचर भाग्य भाव होगा। सूर्य यहां कारक होते हैं। भाग्य के मामलों में सहयोगी होगा। हर क्षेत्र में सफलता मिलेगी। सर्वांगीण विकास होगा। भूमि, भवन, वाहन के सुखों में वृद्धि। मान-सम्मान बढ़ेगा। कुछ नया व बड़ा कराने में सहायक होगा। पिता से वैचारिक मतभेद होगा। अनैतिक कार्य से बचना होगा। प्रबल राजदंड की संभावना बनती है।

मिथुनः- अष्टम में गोचर होगा, सतकर्ता बरतनी होगी। कार्यों में असफलता मिलेगी। विलम्ब होगा। अधिक खर्च होगा। स्वास्थ्य में परेशानी। बिना-सोचे समझे बोला, तो मान हानि हो सकती है। वाहन चलाते समय सावधान रहना होगा। हार्ट से संबंधित रोगी है, तो सतर्क रहें। जीवन साथी का स्वास्थ्य ठीक नहीं रहेगा। पराक्रम से आकस्मिक लाभ की संभावना है। बहते जल में गुड़ प्रवाहित करें।

कर्क- सप्तम भाव में गोचर होगा। वाणी को प्रखर बनायेगा। सावधान रहें, तो व्यवहार कुशलता बढ़ेगी। कुछ लोग अहंकारी कहेंगे, लेकिन उन पर ध्यान नहीं देना है। पिता व जीवनसाथी से मतभेद हो सकते हैं। व्यापार के लिए बहुत अच्छा परिणाम देगा। आर्थिक लाभ होगा। वर्चस्व बढ़ेगा। बेहतर परिणाम मिलेंगे, लेकिन थोड़ी परेशानी है। खुद की सेहत का भी ख्याल रखें। पिता का सम्मान करें। पिता के चरणों की धूल मस्तक पर लगाएं।

सिंह- गोचर में 6 भाव में होगा। शत्रुहंता योग बनेगा, लेकिन भाग्य का सहयोग कम रहेगा। कुंडली में सूर्य मजबूत हैं, तो ज्यादा चिंता नहीं रहेगी। परिश्रम का परिणाम विलम्ब से ज़रूर मिलेगा। कार्यों की अकारण आलोचना होगी। यात्रा व धन बेवजह खर्च होगा। शुभचिंतकों की राय मानें। व्यापारियों को चिंता होगी। धन का अपव्यय हो सकता है, इसलिए सतर्क रहें। पिता का सम्मान करें।

कन्या: गोचर पंचम भाव में होगा। यह मानसिक चिंता देगा। गर्भवती स्त्रियों को सावधान रहने की आवश्यकता है। लाभ होगा, लेकिन संघर्ष काफी करना होगा। यदि नौकरी में परिवर्तन की सोच रहे हैं, तो इस माह न करें। व्यापारियों के लिए परेशानियां बढ़ेंगी, लेकिन वे सोच-समझकर कार्य करें, तो अंत में लाभ प्राप्त होगा।

तुला- परिवर्तन कार्यक्षेत्र में होगा। घर गृहस्थी में चिंताएं बढ़ेगी। हालांकि आर्थिक लाभ होगा। सुख सुविधाएं बढ़ जायेंगी। पिता के साथ संबंधों में कड़वाहट होगी। आर्थिक व व्यापारिक रूप से सफलता दिलाने वाला होगा। सरकारी क्षेत्र में कर्मियों को नए अवसर मिलेंगे। विद्यार्थियों को सफलता मिलेगी। घर में कलह न हो, इसका ध्यान रखे। भुवन भास्कर को अर्घ्य दें।

वृश्चिक: सूर्य का गौचर पराक्रम भाव में होगा। भाई बंधुओं के साथ संबंध खराब होने के योग हैं। बड़ा भाई षत्रु बन सकता है। इससे धन की हानि हो सकती है। विचारों में उग्रता हो सकता है। भाग्य का साथ मिलेगा, समाज में दबदबा बढ़ेगा। मान-सम्मान में वृद्धि होगी। नौकरों से सावधान रहें। आदित्य हृदय स्त्रोत का पाठ करें।

धनु: द्वितीय भाव में संचरण होगा। महाधनी योग का निर्माण, मान सम्मान में वृद्धि। कार्य क्षमता बढ़ेगा। बौद्धिक विकास होगा। भाग्य साथ देगा। वाणी के कारण भाग्य दुर्भाग्य में बदल सकता है। इसलिए वाणी को नियंत्रण में रखें। कटाक्ष न करें, दूसरों से कटु भाशा का प्रयोग न करें। संतान के कारण मन प्रसन्न रहेगा।


मकर: लग्न पर ही गोचर हो रहा है। उत्तम राजयोग का निर्माण होगा। मानसिक, षारीरिक, आर्थिक क्षेत्र में निर्णय लेने की विलक्षण क्षमता जागृत होगी। पदोन्नति होगी। अहंकार भी उत्पन्न होगा, जिससे बचने की आवष्यकता है। कुंडली में सूर्य कमजोर है, तो माईग्रेन, सिर दर्द, हड्डियों में बुखार की दिक्कत हो सकती है। कुल मिलाकर सफलता मिलेगी, यदि कुंडली में सूर्य बलवान है। झूठ बोलने से बचें।

कुंभ- 12वें भाव में गोचर होगा, जो अधिक अच्छा नहीं है। मान सम्मान में कमी होगी। कुंडली में यदि सूर्य बली है तो जीवनसाथी केसहयोग से राहत मिलेगी। धन का श्रेश्ठ कार्य में उपयोग करें, नहीं तो आर्थिक तंगी होगी। कोर्ट कचहरी के मामलों से दूर रहें। कार्यों में विलम्ब और अपमान का सामना करना पड़ सकता है। गैर कानूनी कार्य न करें, क्योंकि दिक्कत बढ़ सकती है। सूर्य उदय के बाद न सोये। गुड़ को जल प्रवाहित करें।

मीन- लाभ भाव में गोचर होगा। आर्थिक दृश्टिकोण में चारों तरफ से जय होगी। मित्रों, स्वजनों का लाभ होगा। गर्भवती महिलाएं सावधान रहें। प्रतियोगी परीक्षा के छात्रों को सफलता मिलेगी। षेयर मार्केट से लाभ होगा। पैतृक सम्पत्ति मिलेगी। कुल मिलाकर देखा जाये, तो मीन राषि के लिए यह गोचर बहुत खास है।

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