बड़े अपराधियों की कमर तोड़ने में जुटे आईपीएस अभिषेक, कुख्यात कुरथल की सम्पत्ति पर पुलिस काबिज

बड़े अपराधियों की कमर तोड़ने में जुटे आईपीएस अभिषेक, कुख्यात कुरथल की सम्पत्ति पर पुलिस काबिज

मुजफ्फरनगर। जनपद में अपराधियों की कमर तोड़ने के लिए आईपीएस अभिषेक पूरी तरह से जुटे हुए हैं। जनपद में पहली बार बड़े तस्करों और अपराधियों के खिलाफ सम्पत्ति कब्जाने का अभियान चलाकर पुलिस ने दहशत पैदा करने का काम किया है।


अपराध जगत में चार दशकों से बेखौफ सल्तनत चलाने वाले कुख्यात ब्रह्मसिंह कुरथल की सम्पत्ति पर भी अब पुलिस काबिज हो गयी है। जिले में पहली बार किसी बड़े बदमाश पर पुलिस की ओर से ऐसी कार्यवाही की गयी है। इससे पहले अवैध असलाह तस्कर की सम्पत्ति को आईपीएस अभिषेक ने खुद जाकर सीज कराने का काम करते हुए जनपद में बड़े माफियाओं, अपराधियों और तस्करों के खिलाफ अपने इस जुनूनी अभियान का आगाज किया था। ब्रह्म सिंह कुरथल पर हत्या, अपहरण, फिरौती सहित 27 संगीन मुकदमे आज भी दर्ज हैं। पुलिस ने उसकी 30 लाख रुपये कीमत की भूमि को सीज करने की कार्यवाही की है।


बता दें कि एसएसपी अभिषेक यादव ने जनपद में बड़े अपराधियों को आर्थिक रूप से तोड़ने के लिए सम्पत्ति सीज करने का अभियान चलाया है। जनपद में पहली बार बड़े अपराधियों की सम्पत्तियों पर पुलिस काबिज होती नजर आ रही है। इससे अपराधियों में हड़कम्प मचा हुआ है। इस अभियायन की शुरूआत एसएसपी ने खुद आगे बढ़कर की थी। उन्होंने छपार थाना क्षेत्र में गांव बढीवाला में पहुंचकर 28 सितम्बर को अवैध असलाह तस्कर गोपाल पुत्र रूल्हा की अवैध रूप से अर्जित की गयी करीब 22 लाख रुपये कीमत की 3.75 बीघा भूमि को जब्त कराने की कार्यवाही की थी। पांच साल के बाद किसी भी अपराधी के खिलाफ यह पहली ऐसी कार्यवाही थी। जबकि इतने बड़े पैमाने पर सम्पत्ति जब्त की गयी। गोपाल के घर पर साल 2000 में पुलिस ने छापा मारा था, जिसमें उसके घर से अवैध असलाह का कारोबार पकड़ा गया था। यहां पर बने और अधबने अवैध हथियार व सामान बड़े पैमाने पर पकड़ा गया था। पुलिस का मानना है कि इसी अवैध कारोबार से गोपाल ने धन कमाकर अपनी पत्नी हुस्नकली के नाम यह भूमि खरीदी थी।


इस कार्यवाही की अभी चर्चा थी कि बुधवार को अपराध जगत में 40 वर्षों से अपनी सत्ता और साम्राज्य चला रहे कुख्यात ब्रह्म सिंह कुरथल के आर्थिक किले को ढहाने का काम किया गया है। एसएसपी अभिषेक यादव के निर्देशन में बुढ़ाना पुलिस ने कुख्यात अभियुक्त ब्रहमसिंह पुत्र जबर सिंह निवासी ग्राम कुरथल के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट के अन्तर्गत 14(1) की कार्यवाही की। इससे पहले पुलिस द्वारा पूरे लाव लश्कर के साथ गांव में मुनादी करायी गयी। इस कार्यवाही के दौरान पुलिस ने ब्रह्म सिंह कुरथल की 30 लाख रुपये कीमत की 12 बीघा जमीन सीज की है। बुढ़ाना पुलिस के अनुसार ब्रह्म सिंह कुरथल के विरुद्ध बुढ़ाना कोतवाली में दर्ज मुकदमा संख्या 319/19 धारा 2/3 गैंगस्टर अधिनियम में अवैध तरीके से अर्जित की गयी सम्पत्ति को जब्त किया गया है। अभियुक्त ब्रहमसिंह उपरोक्त पर 27 अभियोग पंजीकृत है।

1979 में दर्ज हुआ था ब्रह्मसिंह पर पहला मुकदमा

मूल रूप से मुजफ्फरनगर के थाना बुढ़ाना क्षेत्र के गांव कुरथल के रहने वाले ब्रह्म सिंह कुरथल ने 1979 में अपराध जगत में खौफनाक वारदात के साथ कदम रखा था। इस साल ब्रह्म सिंह का अपने गांव के ही निवासी चंद्रपाल उर्फ छोटू से विवाद हुआ था। ब्रह्म सिंह ने छोटू पर फायरिंग कर दी। हालांकि इस हमले में छोटू बच गया था, लेकिन ब्रह्म सिंह ने अपना गैंग बनाकर अपराध की दुनिया में दस्तक दी थी। 1990 के दशक में ब्रह्म सिंह कुरथल गैंग ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में ताबड़तोड़ वारदात करते हुए दहशत फैला दी थी। व्यापारियों के अपहरण, रंगदारी और हत्याओं की घटनाओं ने ब्रह्म सिंह को कुख्यात कर दिया था। यूपी पुलिस ने इस अपराधी पर दो लाख का इनाम घोषित किया था। 1994 में दिल्ली स्पेशल सेल ने थाना प्रीत विहार से गिरफ्तार कर उसे जेल भेज दिया था। जहां दो साल जेल में रहने के बाद ब्रह्म सिंह जेल से फरार हो गया था और पुलिस के लिए सिरदर्द बन गया था। इस गिरफ्तारी के बाद 22 साल तक ब्रह्म सिंह ने बेखौफ बदमाशी की। ब्रह्म सिंह कुरथल ने अपराध जगत में सिक्का जमाने के बाद राजनीतिक महत्वकांक्षा को आगे बढ़ाया और कुरथल की पत्नी 2004 में बुढ़ाना क्षेत्र से जिला पंचायत सदस्य निर्वाचित हुई। राजनीतिक रंजिश में 2015 में ब्रह्म सिंह ने अपने ही गांव के बिल्लू की दिनदहाड़े हत्या कर दी। इस हत्या के बाद ब्रह्म सिंह पर 50 हजार का इनाम घोषित हुआ था। 8 दिसम्बर 2016 को 22 साल बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश में इनामी कुख्यात बदमाश ब्रह्म सिंह कुरथल को स्पेशल टास्क फोर्स और मुजफ्फरनगर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था, तभी से वह जेल में है।

जेल में ही रची थी दुश्मन की हत्या की साजिश

कुख्यात ब्रह्म सिंह कुरथल उस समय चर्चाओं में आया था, जबकि उसने जेल में बन्द रहते हुए जिला कारागार में ही अपने गिरोह के बदमाशों के साथ मिलकर अपने सबसे बड़े दुश्मन की हत्या की साजिश रची थी, लेकिन पुलिस की सजगता से वारदात होने से पहले ही कुरथल के प्लान को फेल कर दिया गया। जेल में बंद बदमाश रामबीर ने कुरथल गांव की प्रधान मंजू देवी के जेठ ब्रजपाल की हत्या का प्लान बनाकर ब्रह्म सिंह गिरोह के शाॅर्प शूटर शामली जिले के कांधला थानांतर्गत हुरमजपुर गांव निवासी रॉबिन उर्फ भूरा पुत्र पालेराम उर्फ राजपाल को लगाया था। जनवरी 2019 में पीनना-शाहपुर बाईपास पर शहर कोतवाली प्रभारी अनिल कपरवान चैकिंग कर रहे थे, तभी बदमाश राॅबिन से मुठभेड़ हो गयी। मंजू के पति बिल्लू की चुनाव से पहले ब्रह्म सिंह ने ही हत्या कर दी गई थी। बाद में मंजू ग्राम प्रधान चुनी गई। प्रधानी का अधिकतर कार्य उसका जेठ ब्रजपाल देखता है। ब्रह्म सिंह कुरथल ने ब्रजपाल को ही रास्ते से हटाने की साजिश रची।

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