पति अन्नू कुरैशी की प्रेरणा से सभासद बनी गुलशन

पति अन्नू कुरैशी की प्रेरणा से सभासद बनी गुलशन

मुज़फ्फरनगर। आमतौर पर सुनने को मिलता है कि एक कामयाब आदमी के पीछे एक औरत का हाथ होता है मगर जिस शख्सियत के बारे हम आपको बताने जा रहे है वह है मुजफ्फरनगर नगरपालिका के वार्ड 48 की सभासद गुलशन अन्नु ।गुलशन अन्नू मानना है कि उनकी कामयाबी के पीछे सिर्फ और सिर्फ उनके शौहर अन्नू कुरैशी का ही हाथ है। अगर उनका सहयोग ना होता न तो वह समाजसेवी के रूप में कार्य कर पाती और न ही कभी सभासद बन पाती।

गुलशन अन्नू ने बताया की उनके मायके में से कभी कोई राजनीति में नहीं रहा और न ही उनकी सामाजिक कार्यों एवं राजनीतिक में काई रूचि थी। मगर जब उनकी शादी मुजफ्फरनगर के जाने माने सामाजिक व्यक्ति अन्नू कुरैशी से हुई तब उन्हे इस बात का अहसास हुआ कि सामाजिक होना जीवन में कितना जरूरी होता है। वर्ष 2017 के नगर पालिका चुनाव में उनके वार्ड की सीट को महिला सीट कर दिया गया, क्योकि उनके ससुराल से हमेशा से ही सभासद बनते आए है। इस बार मेरे कंधों पर ये जिम्मेदारी दी गई थी। मुझे इस बार वार्ड सभासद का चुनाव लड़ना हैं और जीतकर यह जताना है कि जिस तरह अन्नू कुरैशी ने लोगो की सेवा की है। उसी प्रकार से वह भी अपने वार्डवासियों की सेवा के लिए सदैव तत्पर रहेगी। कड़े चुनावी मुकाबले में गुलशन अन्नू ने अपने प्रतिद्वंदी फराना को 544 वोटों से हराकर जीत हासिल की।

वार्ड में किए गए कार्यः- राजनीति में डिम्पल यादव को अपना आदर्श मानने वाली गुलशन ने बताया कि उन्होने अपने वार्ड में रहीस क्वार्टरों के सामने सड़को का निर्माण कराया। समस्त वार्ड में खंभों पर एलईडी लाईटें लगवाई गयी। जहां जहां पर नालियां खराब थी उनको ठीक कराकर उनपर चैनल लगवाई गई। वार्ड में विधवा औरतों को पंेशन दिलवाने का काम किया गया। विकलांग व्यक्तियों को भी पेंशन दिलवायी गई। पूरे वार्ड में जगह जगह गंदगी के ढेर लगे रहते थे लोग मजबूरी में सड़को पर ही कूड़ा डालने लगते थे। जिसकी रोकथाम के लिए पूरे वार्ड में कूडेदान रखवाए गए। वार्ड में सड़क के लिए 32 लाख रूपये का निर्माण कार्य प्रगति पर है। जल्द ही 10 सड़को का टेंण्डर होने वाला है।

विकास कार्यों में लक्ष्य का जवाब देते हुए गुलशन अन्नू ने कहा कि क्योकि मै एक महिला हूं ।मै जानती हूं, मैने कैसे-कैसे शिक्षा प्राप्त की और मेरे जीवन में शिक्षा प्राप्त करने में क्या क्या परेशानियां मुझे झेलनी पड़ी मै नहीं चाहती मेरे वार्ड में किसी भी लड़की को आधुनिक शिक्षा से वंछित रखा जाएं क्यांेकि शिक्षा आज के दौर में जीवन की एक अहम कड़ी है, इसलिए मै चाहती हुं कि मेरे वार्ड में एक सरकारी स्कूल की व्यवस्था किसी भी प्रकार से हो जाए। जिससे गरीब बच्चों को भी शिक्षा प्राप्त हो सके, और मेरे वार्ड का कोई भी बच्चा शिक्षा से वंछित न रह पाए।

गुलशन ने खोजी न्यूज को बताया कि वह अपने वार्ड के विकास के लिए आने वाली हर कठिनाइयों को झेलने को तैयार है।वह अपने वार्ड मे कभी किसी को दुखी नही देख सकती चाहे वह किसी भी धर्म या सम्प्रदाय से क्यो न हो। उनसे जितना होगा वह अपने वार्ड के लिए अग्रणी रूप से आगे बढकर विकास कार्य करेंगी।

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