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अलीगढ की धरती पर बदमाशो का आना मना है आओगे तो पुलिस का पीतल ही पाओगे, आज फिर किया एनकाउन्टर

अलीगढ की धरती पर बदमाशो का आना मना है आओगे तो पुलिस का पीतल ही पाओगे, आज फिर किया एनकाउन्टर

यूपी के आइपीएस अफसर और अलीगढ के एसएसपी राजेश पाण्डेय की टीम ने आज फिर एक कुख्यात बदमाश को मुठभेड़ में ढेर कर अपराधियों को एलानिया कह दिया है की अलीगढ की धरती पर बदमाशो का आना मना है आओगे तो पुलिस का पीतल ही पाओगे : 1986 बेच के पीपीएस अफसर राजेश पाण्डेय जब से पुलिस डिपार्टमेंट में भरती हुए है तब से अपराधियों के लिए यमदूत बने हुए है लखनऊ में सीओ , एसपी सिटी , एसपी अपराध , व् प्रतापगढ़, सोनभद्र , जौनपुर आजमगढ़ जैसे जनपदों में डिप्टी एसपी रह चुके राजेश पाण्डेय वर्ष २०१२ में आइपीएस हुए बतौर कप्तान वह रायबरेली ,सहारनपुर गोंडा ,लखनऊ जैसे जनपदों में रह चुके है यह जहाँ भी पोस्ट रहे अपनी कार्यशैली से अपनी पहचान छोड़ चुके है अपनी नौकरी के दौरान राजेश पाण्डेय एटीएस और एस टी एफ में तैनाती के दौरान कुख्यात श्रीप्रकाश शुक्ला जैसे 70 के लगभग बदमाशो का एनकाउंटर कर चुके है एक बार कलकत्ता में बबलू श्रीवास्तव गेंग के चार अपराधियों को राजेश श्रीवास्तव मुठभेड़ में ढेर कर चुके है हमेशा कुछ अलग करने के पक्षधर राजेश पाण्डेय अलीगढ में पोस्टिंग के दौरान पदम् भूषन एवार्ड से सम्मानित मशहूर कवी गोपाल दास नीरज और साहित्यकार इरफ़ान हबीब से भी उनके घर जाकर उनकी खैरियत जान चुके है अलीगढ के एसएसपी राजेश पाण्डेय की टीम ने आज फिर एक कुख्यात बदमाश को मुठभेड़ में ढेर कर कर दिया है पुलिस ने चांदगढ मार्ग पर कार लूट कर भाग रहे बदमाशों से हुई मुठभेड़ में एक 75 हजार का इनामी अपराधी रमजानी मार गिराया गया। जिसके कब्जे से कंट्रीमेंड कारबाइन और लूटी हुई कार बरामद की गयी है। रमजानी के दो साथी भाग जाने में सफल हो गये। मुठभेड़ में कोडियागंज पुलिस चौकी इंचार्ज अरविन्द मलिक घायल हो गये। पुलिस के अनुसार लोधा क्षेत्र के गॉव जिरोलीडारे के पूर्व प्रधान ठाकुर जितेन्द्रपाल सिंह की महिन्द्रा कार संख्या यू पी 81 एएस 0029 से कल रात सिकन्द्रराराउ में शादी में शामिल होने जा रहे थे। अकराबाद इलाके के जसरथपुर के पास पहुचते ही बदमाशों ने कार के नीचे कुछ फेंक कर गाडी रोकने का प्रयास किया। गाडी में हुई आवाज सुनकर जितेन्द्रपाल ने जैसे ही गाडी रोकी। बदमाशों ने उनके सिर पर पिस्टल रख कर कार की चाबी छीन ली और कार को लेकर नानउ की ओर चल दिये जितेन्द्र ने घटना की सूचना 100 नम्बर पर दी जिस पर एस ओ अकराबाद सीओ अनुजकुमार और सर्विसलांस की टीम ने जीटी रोड की ओर नानउ नहर की पटरी से 600 मीटर दूर कार चादगढी मार्ग पर जब पुलिस ने टार्च से बदमाशों पर रोशनी फेंकी तो बदमाशों ने फायरिंग शुरु कर दी। पुलिस की जवाबी फायरिंग में एक बदमाश रमजानी गंम्भीर रूप से घायल हो गया। घायल बदमाश को अस्पताल ले जाया गया जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक बदमाश रमजानी पर पर सहारनपुर और हरिद्वार में दो दर्जन से अधिक लूट तथा डकैती के मुकदमें दर्ज होना बताया गया है। रमजानी पर सहारनपुर पुलिस द्वारा 50 हजार और हरिद्वार पुलिस द्वारा 25 हजार का इनाम घोषित था। पुलिस के अनुसार रमजानी पर करीब 18 मुकदमें दर्ज है ए जिसमें डकैती,हत्या, लूट के मुकदमें शामिल है इससे पहले भी राजेश पाण्डेय की टीम एनकाउन्टर का लगा चुकी है सिक्सर 75 हजार रूपये के इनामी रमजानी को यमलोक पहुँचाने से पहले अलीगढ के कप्तान 6 बदमाशो का एनकाउन्टर कर चुके है जिसमे से थाना जवां के क्षेत्र चौकी के सीडीएफ के पास हुए दिनाक 28 सितम्बर को मुठभेड़ में मारा गया बदमाश विकास खुजली भी शामिल है और उस पर 50 हजार रुपए का इनाम था बुलंदशहर का रहने वाला बदमाश विकास खुजली गांधी पार्क में हुए एटीएम वैन लूटकांड में शामिल था विकास के ऊपर लूट के करीब दर्जनभर मामले विकास दर्ज थे इसके अलावा पांच कुख्यात बदमाशो 12 मई को अखिलेश उर्फ़ शिवा , 12 अगस्त को सुमित चौधरी , 18 सितम्बर को रवि उर्फ़ टमाटर इसके अगले दिन ही सचिन पहलवान को तो 25 अक्टूबर को हसन नाम के शातिर बदमाश को एसएसपी राजेश पाण्डेय की टीम ने एनकाउन्टर में पुलिस की बुलेट से घायल कर जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया है मानवीय पुलिसिंग भी करते है राजेश पाण्डेय आइपीएस अफसर राजेश पाण्डेय गुड पुलिसिंग के साथ साथ मानवीय पुलिस का काम भी करते रहते है गौरतलब है की अलीगढ जनपद के भुजपुरा के मूल निवासी पांच साल का बच्चा बबलू अक्सर एसएसपी दफ्तर के पास घूमता रहता था एक दिन एसएसपी की नजर उस पड़ी तो उन्होंने बब्लू को बुलाकर पूछा कि तुम्हारी परेशानी क्या है इस पर बब्लू ने बताया कि वह पिछले चार साल से शहर आकर सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटता रहा है उसके पास आवास नहीं है लेकिन कोई मेरी गुहार सुन नहीं रहा है ।उस की पीड़ा सुनकर एसएसपी राजेश कुमार पांडेय ने डूडा के परियोजना अधिकारी से बातकर सरकारी आवास दिलाने की सिफारिश की जब उन्हें बताया गया की इस आवास आवंटन में कुछ पैसा भी जमा होता है तो उन्होंने जिलाधिकारी से बात कर उसको फ्री में आवास दिला दिया बड़े बड़े बदमाशो को यमलोक और बदेघर भेजने के एक्सपर्ट राजेश पाण्डेय का मानवीय चेहरा यहीं नहीं देखने को मिला इसके अलावा वो एक मान के गायब बछो को प्राथमिकता के आधार पर बरामद कर वाहवाही बटोर चुके है दरअसल अलीगढ के ही सिविल लाइन के शमशाद मार्केट के फुटपाथ पर अपने तीन बच्चों के मीना गुजर- बसर कर रही मीना की सात साल की बेटी काजल और चार साल का बेटा लापता हो गए। 12 दिन से वो लगातार इधर- उधर भटकती रही। किसी ने कोई मदद नहीं की, लेकिन जब अलीगढ़ के एसएसपी राजेश पांडेय को इसकी जानकारी हुई तो वो खुद महिला के पास पहुंचे। महिला ने अपनी आपबीती सुनाई। जिसे सुनकर राजेश पांडेय भी भावुक हो गए। एसएपी ने तुरंत सिविल लाइन कोतवाल को मौके पर बुलाया और मामले में मुकदमा दर्ज कराते हुए बच्चों की बरामदगी के लिए टीमें गठित कर दी। पुलिस युद्धस्तर पर बच्ची की तलाश में जुट गयी। जिसके बाद बच्ची को चुराने वाले दहशत में आ गए और पुलिस के दबाव के चलते बच्ची को रेलवे स्टेशन पर छोड़कर फरार हो गए। जहां से बच्ची एक रिक्शा चालक की मदद से अपनी मां के पास पहुंची। बेटी के पास पाकर मीना फुट फुटकर रोने लगी। वहीं बच्ची के वापस लौटने की ख़बर जैसे ही एसएसपी राजेश पांडेय को हुई वो भी मौके पर पहुंच गए। कप्तान को मौके पर देख महिला भावुक हो गयी और उनसे लिपट गयी। चरखे से सूत भी कात लेते है आइपीएस राजेश पाण्डेय दरअसल अलीगढ़ के श्रीगाँधी आश्रम बन्नादेवी में सूतयज्ञ चल रहा था जिसमें आने के लिए डीएम और एसएसपी को आमंत्रित किया गया था। उस दिन सभी अधिकारीगण आश्रम में पहुंच गए। वहां सभी अधिकारी इधर-उधर घूम रहे थे तभी एसएसपी राजेश पांडेय ने चरखा चलाना शुरू किया तो सभी अधिकारी खुद को रोक नहीं पाए और चरखा चलाने लगे। एसएसपी राजेश पांडेय तो जैसे सूत कातने के एक्सपर्ट निकले। जहाँ बाकी के अधिकारी चरखे के बारे में जानकारी प्राप्त कर रहे थे वही दूसरी तरफ एसएसपी ने सूत की कई बत्तियां कात दी। जब उनसे इस सम्बन्ध में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि इलाहाबाद में उनके पिता जी के दोस्त सुरेश रामभाई थे जो गांधी जी को अपना आदर्श मानते थे, उन्ही के घर पर सूत काटा जाता था। इसलिए उन्होंने अपने जीवन के 9 साल तक वहां सूत काता है आज भी उनके इलाहाबाद वाले पैतृक निवास पर चरखा रखा हुआ है। चरखा चलाने वाले कप्तान राजेश पाण्डेय ने बताया कि यह काम उन्हें अच्छा लगता है। गांधी जी के पदचिन्हों पर वो भी चलते है। जब आज़ादी के पर्व पर दिव्यांग के संग खिंचाई तस्वीर 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस का झण्डारोहण करने के बाद कप्तान राजेश पाण्डेय सीधे मदर टेरेसा मिशनरी अनाथालय में दिव्यांग बच्चो को स्वतंत्रता दिवस की मिठाई खिलाने के लिये पहुंचे । अनाथालय के दिव्यांग बच्चे जो मानसिक रूप से भी दिव्यांग है, को देखकर कप्तान राजेश पाण्डेय खुश हुए । एक दिव्यांग मचल उठा, कप्तान राजेश पाण्डेय ने उसे मिठाई खिलानी चाही जिस पर उसने खाने से मना किया, शोर मचाने लगा । मिशनरी अनाथालय की सिस्टर उसको समझाने लगी, उसकी आवाज को कप्तान राजेश पाण्डेय समझ नही पा रहे थे , तभी उसने कप्तान राजेश पाण्डेय का हाथ पकड़कर नीचे बैठने के लिए कहा । वह बैठ गये तो उसने सामने खडे लोगो से फोटो खीचने का इशारा किया, बकौल कप्तान राजेश पाण्डेय मै देर में समझ पाया, साथ के पुलिसकर्मी ने अपने मोबाइल से इस फोटो को खीचा, वो बहुत खुश हुआ, फिर मेरे हाथ से एक लड्डू खाया. मन आनन्दित हुआ:

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