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हताहत सैनिकों पर बीजिंग की चुप्पी से भड़के नागरिक

हताहत सैनिकों पर बीजिंग की चुप्पी से भड़के नागरिक

बीजिंग। गलवान नदी घाटी में 15 जून की रात को भारत के साथ हुए टकराव में अपने हताहत सैनिकों की संख्या को लेकर चीन ने आधिकारिक तौर पर जहां चुप्पी साध रखी है, वहीं चीन के नागरिक नुकसान को लेकर रिपोर्टिंग की कमी पर हताशा का इजहार कर रहे हैं।

चीनी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का ओपन-सोर्स विश्लेषण दिखाता है कि कैसे वहां के नागरिक बीजिंग के सख्त ऑनलाइन रेगुलेशन्स पर गुस्सा जता रहे हैं। चीन से उलट भारतीय लोकतंत्र ने गलवान घाटी में चीनी सैनिकों के साथ आमने-सामने हुई हाथों की लड़ाई में 20 भारतीय जवानों के शहीद होने की सार्वजनिक तौर पर जानकारी दी है।

एक चीनी यूजर ने 19 जून को पोस्ट किया, भारत ने अपने बलिदानी सैनिकों के लिए एक मेमोरियल सर्विस का आयोजन किया। यह दिखाता है कि किस तरह पूरा भारत अपने देश और जमीन की रक्षा करने वाले सैनिकों के लिए उच्च सम्मान की भावना रखता है। "ये दिखाता है भारतीय राष्ट्र की एकजुटता का उच्च स्तर? लेकिन हमारे बारे में क्या? हमें भारत से सीखना चाहिए और अपने सैनिकों के लिए सम्मान दिखाना चाहिए। हम अपने शहीद हुए सैनिकों के लिए क्यों खुले तौर पर मेमोरियल सर्विस का आयोजन नहीं करते?

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