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स्वस्थ जीवन जीने का सशक्त माध्यम हैं योग-सुरेन्द्र

स्वस्थ जीवन जीने का सशक्त माध्यम हैं योग-सुरेन्द्र

मुजफ्फरनगर। योग से मुझे नया जीवन मिला। योग एक सुखी जीवन जीने की कला है। उक्त विचार भारतीय योग संस्थान के निःशुल्क योग साधना केंद्र ग्रीन लैंड स्कूल मुजफ्फरनगर में योग से मुझे क्या मिला विषय पर योग गोष्ठी में योगाचार्य सुरेन्द्र पाल सिंह आर्य ने दिए।

रविवार को आयोजित योग गोष्ठी में योगाचार्य ने बताया कि योग से मैं लगभग 20वर्षो से जुड़ा हूँ। मैंने योग को अपने जीवन का आधार बना लिया है। योग से मेरे जीवन में अनुशासन, सहनशीलता, परोपकार, समाजसेवा, दया, करूंणा, राष्ट्रप्रेम व अनेक ऐसे मानवीय गुणों का विकास हुआ है जो मुझे सामान्य लोगों से अलग करते है। योग से मुझे आत्म ज्ञान का बोध हुआ है। मानव जीवन का लक्ष्य व धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष प्राप्ति का साधन योग है। समाज में आज जो कुछ भी यश, कीर्ति व सम्मान मिला है उन सबके पीछे योग की ही शक्ति है।

योग शिक्षक यज्ञ दत्त आर्य ने कहा कि योग से मुझे शारीरिक लाभ के साथ-साथ मानसिक, सामाजिक व अध्यात्मिक लाभ भी मिला है।

सत्यवीर सिंह पंवार ने कहा कि आज योग की वजह से मैं जिन्दा हूँ। मुझे अपने योग से पहले जीवन पर दुख होता है कि मैंने योग को अपनाने में इतनी देर कर दी।

केन्द्र प्रमुख नीरज बंसल ने कहा कि योग हमारी संस्कृति है। यदि भारतीय संस्कृति को जिन्दा रखना चाहते हो तो योग करो और कराओ।

क्षेत्रीय प्रधान राजीव रघुवंशी ने कहा कि भारतीय योग संस्थान का नारा है करो योग रहो निरोग। योग से जीवन में सार्थक परिवर्तन आते हैं। योग हमें जीओ और जीवन दो की प्रेरणा देता है। इस अवसर पर प्रदीप शर्मा, राजपाल आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किए।

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