सपा को मजबूत करने में जुटी समाजवादी नौजवान सभा

सपा को मजबूत करने में जुटी समाजवादी नौजवान सभा

लखनऊ। अपनी गतिविधियों के चलते समाजवादी पार्टी के अनुसांगिक संगठन के रूप में अपनी पहचान बना चुकी समाजवादी नौजवान सभा पूर्व सम्पन्न हो चुके लोकसभा चुनाव में सपा के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी रही थी। समाजवादी नौजवान सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष धर्मेन्द्र यादव राजा की मानें तो इस संगठन ने प्रदेश में 2022 में होने वाले विधानसभा में सपा को भारी मतों से जिताने के लिए अभी से कमर कस ली है और वे प्रदेश सरकार की नाकामियों के साथ ही अखिलेश सरकार के कार्यों को आमजन तक पंहुचाने में जुट गये हैं।


समाजवादी नौजवान सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष धर्मेंन्द्र यादव राजा की मानें तो उत्तर प्रदेश के 70 से भी अधिक जिलों में समाजवादी नौजवान सभा एक मजबूत संगठन के रूप में स्थापित हो चुकी है। अब उनका ध्यान समाजवादी पार्टी की विचारधारा के लोगों को चुन-चुनकर समाजवादी नौजवान सभा से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने बताया कि कि वे समाजवादी नौजवान सभा का बिहार, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र में भी विस्तार करने में जुटे हैं। धर्मेंन्द्र यादव राजा की मानें तो समाजवादी नौजवान सभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी व प्रदेश कार्यकारिणी सहित विधानसभा इकाई तक अनुभवी और निष्ठावान कार्यकर्ताओं का बड़ा समूह है, जो समाजवादी पार्टी को सत्ता में लाने के लिए दिनरात मेहनत कर रहा है। उन्होंने बताया कि समाजवादी नौजवान सभा के प्रमुख राष्ट्रीय सचिव अंशुमान सिंह, राष्ट्रीय प्रवक्ता मनोज यादव व नीलम यादव, राष्ट्रीय सचिव प्रमोद चैबे व प्रदेश अध्यक्ष पंडित अनन्त माधव, पूर्व शिवसेना नेता निरंजन मौर्य, सैय्यद मसूद अहमद, कुँवर वली शेर आदि एक सुलझे हुए विचारक और बुद्धिजीवी हैं। धर्मेन्द्र यादव की माने तो समाजवादी नौजवान सभा ने गत लोकसभा इलेक्शन में बिना किसी आर्थिक सहयोग के केवल अपने सदस्यों और कार्यकर्ताओं के दम पर पूरब से लेकर पश्चिम तक समाजवादी पार्टी के पक्ष में सघन प्रचार-प्रसार किया था। हालांकि सपा को चुनाव में आशातीत सफलता नहीं मिली थी, लेकिन सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव व सपा के प्रमुख प्रवक्ता राजेन्द्र चैधरी समाजवादी नौजवान सभा के प्रयासों की मुक्तकंठ से प्रशंसा की थी।

जानकारो की मानें तो आज राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बने धर्मेद्र यादव राजा को राजनीति में आधुनिक चाणक्य के रूप में देखा जाने लगा है। आज उनकी पहचान एक अनुशासित, लगनशील, कर्मठ, जुझारू और ईमानदार युवा शक्ति से भरपूर, खांटी समाजवादी सोच वाले नेता के रूप में होने लगी है। धर्मेन्द्र यादव राजा ने समाजवादी नौजवान सभा का गठन करके उसे मात्र दो वर्षों के अल्पसमय में आज अपनी शक्ति का लोहा मनवा देने वाला संगठन के रूप में स्थापित करके अपनी योग्यता का लोहा मनवा लिया है।

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