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राजमार्गों द्वारा विकास पथ पर दौड़ेगा मध्य प्रदेश

राजमार्गों द्वारा विकास पथ पर दौड़ेगा मध्य प्रदेश

नई दिल्ली। देश को विकास पथ पर तेजी से अग्रसर करने की मुहिम में जुटे केंद्रीय सड़क परिवहन, राजमार्ग और एमएसएमई मंत्री नितिन गडकरी ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से मध्य प्रदेश के लिए 45 राजमार्ग परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। उद्घाटन और शिलान्यास की गई इन परियोजनाओं के तहत सड़कों की लंबाई कुल मिलाकर 1361 किलोमीटर है, जिसमें 11427 करोड़ रुपये का निर्माण मूल्य शामिल है। गडकरी ने बताया कि 1260 किलोमीटर लंबे एवं आठ लेन के प्रवेश नियंत्रण (एक्सेस कंट्रोल्ड) वाले दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर काम पहले ही शुरू हो चुका है, जिसमें से 8,214 करोड़ रुपये की लागत एवं 8-लेन वाली 244 किमी लंबी सड़क मध्य प्रदेश में बनाई जाएगी। आठ लेन एक्सप्रेस-वे निर्माण के बाद दिल्ली और मुंबई की दूरी को 12 घंटे में पूरा किया जा सकेगा। इसमें से 244 किलोमीटर का हिस्सा मध्य प्रदेश से गुजरेगा इस एक्सप्रेसवे के मध्य प्रदेश खंड से जुड़े कार्य का ठेका पहले ही दिया जा चुका है, जो मालवा क्षेत्र के रामगंजमंडी, गरौठ, जावरा एवं रतलाम इलाकों और थांदला (झाबुआ) से होकर गुजरेगा।

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से मालवा क्षेत्र को कनेक्टिविटी प्रदान करने के लिए 173 किलोमीटर लंबी एवं 4-लेन वाली सड़क बनाई जाएगी। यह सड़क इंदौर, देवास, उज्जैन, आगरा से होकर गुजरेगी एवं गरोठ तक जाएगी और इस वर्ष दिसंबर तक इनसे जुड़े कार्यों के ठेके दे दिए जाएंगे। राजमार्ग मंत्री ने कहा कि राज्य में राष्ट्रीय राजमार्गों (एनएच) की कुल लंबाई 13,248 किलोमीटर है, जो वर्ष 2014 में मुश्किल से 5,186 किलोमीटर थी। मध्य प्रदेश में 1,25,000 करोड़ रुपये की लागत वाले विकास कार्यों पर काम चल रहा है। राज्य में लगभग 30,000 करोड़ रुपये की लागत वाले सड़क कार्यों का लगभग 60 से 70 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। इनमें से कई सड़कें राज्य के पर्यटन स्थलों और पिछड़े इलाकों को कनेक्टिविटी प्रदान करने की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। मंत्री महोदय ने घोषणा की कि वर्ष 2023 तक 50,000 करोड़ रुपये की लागत वाले विकास कार्यों को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

मध्य प्रदेश के विकास का मार्ग प्रशस्त करते हुए ये सड़कें राज्य के भीतर और उसके आसपास बेहतर कनेक्टिघ्विटी एवं सुविधा सुनिश्चित करने के साथ-साथ आर्थिक विकास की गति भी तेज करेंगी। विशेषकर पड़ोसी राज्यों राजस्थान, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ इत्यादि से मध्य प्रदेश में और वहां से इन राज्यों में लोगों एवं वस्तुओं की आवाजाही भी काफी बेहतर हो जाएगी। बेहतर सड़कों से समय एवं ईंधन की बचत होती है और इसके साथ ही प्रदूषण फैलाने वाले अवयवों का उत्सर्जन भी कम हो जाता है। इसके अलावा, इन परियोजनाओं से सड़कों पर भीड़ कम हो जाएगी और मार्ग में पड़ने वाले शहर लोगों को होने वाले बेहतर सड़क अनुभव में उल्लेखनीय योगदान देंगे।

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग तथा सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री नितिन गडकरी ने यह भी कहा कि वे देश के प्रत्येक जिले में चालक प्रशिक्षण स्कूल खोलने के इच्छुक हैं।

सड़क दुर्घटनाओं का उल्लेख करते हुए गडकरी ने कहा कि हमारे देश में हर साल पांच लाख सड़क दुर्घटनाएं होती हैं और उनमें डेढ़ लाख लोग मारे जाते हैं। इनमें सबसे ज्यादा संख्या 18 से 24 वर्ष के आयु समूह के लोगों की है। प्रत्येक जिले में ड्राइविंग स्कूल खोलने से न केवल दुर्घटनाओं पर रोक लगेगी बल्कि प्रधानमंत्री की इच्छानुरूप युवाओं में कौशल का विकास होगा और आत्मनिर्भर भारत का सपना भी पूरा होगा। इन परियोजना के शिलान्यास और उद्घाटन से

मध्य प्रदेश में पर्यटन और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। साथ ही पिछड़े क्षेत्रों सहित पूरे प्रदेश के विकास को और गति मिलेगी।

गडकरी ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री से कहा कि वे खनन के लिए राज्य सरकार की अनुमति शीघ्र दें, क्योंकि इसका सीधा असर एक्सप्रेसवे के निर्माण की गति पर पड़ रहा है। मुख्यमंत्री से किसानों को भूमि अधिग्रहण से जुड़ी धनराशि को तत्काल वितरित करने का भी अनुरोध करने के साथ ही (जिसे एनएचएआई ने पहले ही राज्य सरकार को भेज दिया है।) केंद्रीय मंत्री ने वन मंजूरी में तेजी लाने को भी कहा। मुख्यमंत्री से स्वयं समीक्षा करने का अनुरोध किया क्योंकि मंजूरी के बेवजह अटक जाने से परियोजनाओं में देरी होती है, जो जन हित में नहीं है। उन्होंने मध्य प्रदेश की प्रगति के लिए रोजगार और आर्थिक परिदृश्य को बेहतर बनाने में एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम) सेक्टर की भूमिका को रेखांकित किया। एमएसएमई इकाइयों की परिभाषा या दायरे का हाल ही में विस्तार किए जाने के बारे में इंगित करते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री से इस अवसर का उपयोग करने और हस्तशिल्प, हथकरघा, इत्यादि की निर्यात संभावनाओं का पता लगाने का अनुरोध किया, जिससे बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार मिल सके।

केंद्रीय राजमार्ग मंत्री ने सड़क क्षेत्र में उपयोगार्थ मध्य प्रदेश के लिए केंद्रीय सड़क निधि (सीआरएफ) से 700 करोड़ रुपये की भी घोषणा की। राज्य से प्रस्तावों को आमंत्रित करते हुए उन्होंने कहा कि 350 करोड़ रुपये के प्रस्तावों में मध्य प्रदेश के सांसदों के प्रस्ताव उनके निर्वाचन क्षेत्र में सड़क कार्यों के लिए शामिल हो सकते हैं। जिनका शिलान्यास हुआ - उसमें ननासा से बैतुल। ननासा से पिंडगांव 867 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट है 47 किलोमीटर। पुनः हरदा से 130 किलोमीटर और चिचोली से बैतुल 620 करोड़ का चालीस किलोमीटर । इसमें ननासा, पिंडगांव, हरदा, चिचोली, बैतुल तक दो हजार 420 करोड़ की लागत से 117 किलोमीटर का फोर लेन मार्ग बनाया जायेगा । साथ-साथ 270 किलोमीटर लंबा मार्ग जो इंदौर, हरदा, बैतुल आर्थिक कॉरिडोर का हिस्सा है। दिसंबर 2022 तक पूरा करने का लक्ष्य है। इस मार्ग को पूरा करने से इंदौर से नागपुर तक सीधी कनेक्टिविटी हो जाएगी।

आभासी कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान ने स्पष्ट विजन के साथ-साथ राज्घ्य में महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं को शुरू करने की केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की दृढ़ इच्छाशक्ति की प्रशंसा करते हुए कहा कि ये सड़कें मध्य प्रदेश के लिए आशीर्वाद हैं क्योंकि ये न केवल समय और पैसे की बचत करती हैं, बल्कि हादसों में व्यापक कमी सुनिश्चित करते हुए लोगों के जीवन की रक्षा भी करती हैं। राज्य की मशीनरी की ओर से पूर्ण सहयोग का आश्वासन देते हुए उन्होंने केंद्रीय मंत्री से मध्य प्रदेश की तीन महत्वाकांक्षी सड़क परियोजनाओं- नर्मदा एक्सप्रेसवे, चंबल एक्सप्रेसवे (जिसे अटल प्रोग्रेसवे भी कहा जाता है), और राम वन पथ गमन का निर्माण करने का अनुरोध किया।

केंद्रीय मंत्री थावर चंद गहलौत, नरेंद्र सिंह तोमर, प्रह्लाद सिंह पटेल और फग्गन सिंह कुलस्ते, जनरल (सेनि) वीके सिंह ने भी मध्य प्रदेश में विभिन्न राजमार्ग परियोजनाओं के लिए शुरू किए गए कार्यों और पहलों की सराहना की।

((मानवेन्द्र नाथ पंकज-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा)

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