संचार दिवस आजः 90 साल पहले हुई थी शुरूआत

संचार दिवस आजः 90 साल पहले हुई थी शुरूआत

आज से 92 साल पहले भारत सरकार और इंडियन ब्रॉडकास्टिंग कंपनी लिमिटेड नामक कंपनी के बीच एक समझौते के तहत 23 जुलाई 1927 को प्रायोगिक तौर पर बम्बई और 26 जुलाई 1927 को कलकत्ता में प्रसारण शुरू किया था। प्रसारण नियंत्रक विभाग के अंतर्गत इंडियन स्टेट ब्रॉडकास्टिंग सर्विस को जून 1936 में ऑल इंडिया रेडियो का नया नाम दिया गया और ऑल इंडिया रेडियो को वर्ष 1956 से आकाशवाणी के नाम से जाना जाने लगा था। ऑल इंडिया रेडियो प्रसारण की भाषाओं की संख्या के मामले में दुनिया के सबसे बड़े प्रसारण संगठनों में से एक है। वर्तमान में आकाशवाणी के 414 स्टेशन हैं और क्षेत्रफल के हिसाब से इसकी पहुंच भारत के 91.79 प्रतिशत क्षेत्रफल तक और जनसंख्या के हिसाब से 99.14 प्रतिशत तक है। भारत में आकाशवाणी से 23 भाषाओं तथा 146 प्रान्तीय भाषाओं में प्रसारण होता है।

आकाशवाणी द्वारा प्रसारित किया जाने वाला मन की बात एक कार्यक्रम हैं। इस कार्यक्रम में भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भारत के नागरिकों को संबोधित करते हैं। इस कार्यक्रम का पहला प्रसारण 3 अक्तूबर 2014 को किया गया था। भारत के राष्ट्रीय प्रसारक के रूप में ऑल इंडिया रेडियो जनता को सूचित, शिक्षित और मनोरंजन करने के लिए सेवा कर रहा है। यह शुरुआत से ही अपने उद्देश्य बहुजन हिताय, बहुजन सुखाय का अनुसरण कर रहा है। भाषाओं की संख्या के मामले में दुनिया के सबसे बड़े प्रसारण संगठनों में से एक है।

सूचना तंत्र और बढ़ती तकनीक के चलते हालांकि साधनों में ईजाफा हुआ है, लेकिन रेडियो की अपनी अनूठी विशेषता रही हैं। कभी इसकी पहुंच ड्राइंग रूम या बेडरूम तक ही नहीं, बल्कि रसोईघर, कार, स्टडी टेबल, खेत, बस, ट्रक, ढाबे, स्कूल, पंचायत और युवाओं की जेब तक सूचना, शिक्षा, मनोरंजन, प्रेरणा और मार्गदर्शन पहुंचाने का सबसे सस्ता, सरल और तीव्र माध्यम था।

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