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जीएसटी रजिस्ट्रेशन के सम्बन्ध में व्यापारियों में फैली भ्रांतियों को दूर किया जाए : मुख्यमंत्री

जीएसटी रजिस्ट्रेशन के सम्बन्ध में व्यापारियों में फैली भ्रांतियों को दूर किया जाए : मुख्यमंत्री

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सरकारी आवास पर वाणिज्यकर विभाग के तहत प्रदेश के विभिन्न जोनों में तैनात अपर आयुक्तों द्वारा राजस्व लक्ष्य की प्राप्ति के सम्बन्ध में किये जा रहे प्रयासों, जीएसटी के तहत व्यापारियों के रजिस्ट्रेशन तथा रजिस्टर्ड व्यापारियों द्वारा जीएसटी रिटर्न फाइलिंग की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की तथा इस सम्बन्ध में एक प्रस्तुतिकरण भी देखा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 31 मार्च, 2020 तक पूरे प्रदेश में जीएसटी के तहत कुल व्यापारियों के रजिस्ट्रेशन के लिए 25 लाख का लक्ष्य निर्धारित किया।


उन्होंने कहा कि इसके लिए विशेष पंजीयन अभियान चलाया जाए और वर्तमान में जीएसटी के तहत पंजीकृत व्यापारियों और लक्षित संख्या के गैप को पूरा किया जाए। उन्होंने अपर आयुक्त आगरा जोन के लिए 35 हजार, अलीगढ़ 35 हजार, अयोध्या 30 हजार, बरेली 40 हजार, इटावा 25 हजार, गौतमबुद्धनगर 25 हजार, गाजियाबाद प्रथम 30 हजार, गाजियाबाद द्वितीय 30 हजार, गोरखपुर 40 हजार, झांसी 25 हजार, कानपुर प्रथम 30 हजार, कानपुर द्वितीय 35 हजार, लखनऊ प्रथम 35 हजार, लखनऊ द्वितीय 35 हजार, मेरठ 35 हजार, मुरादाबाद 30 हजार, प्रयागराज 30 हजार, सहारनपुर 30 हजार, वाराणसी 25 हजार तथा वाराणसी द्वितीय के लिए 30 हजार अतिरिक्त व्यापारियों का जी0एस0टी0 के तहत रजिस्ट्रेशन का लक्ष्य निर्धारित किया। उन्होंने कहा कि जी0एस0टी0 के तहत इस वित्तीय वर्ष में 01 लाख करोड़ रुपये संग्रह का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसे हर-हाल में प्राप्त किया जाना है। मुख्यमंत्री जी ने सभी अपर आयुक्तों को अपने-अपने जोनों में व्यापारियों को चिन्हित करते हुए उन्हें रजिस्ट्रेशन कराने के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि जिन व्यापारियों का टर्न-ओवर 40 लाख रुपये की सीमा से कम है, उन्हें भी जीएसटी के तहत रजिस्ट्रेशन के लिए प्रेरित किया जाए। उन्हें जीएसटी के तहत रजिस्ट्रेशन के लाभ के विषय में भी बताया जाए। उन्हें यह भी बताया जाए कि इसके तहत रजिस्ट्रेशन कराने पर व्यापारी को 10 लाख रुपये का बीमा मिलता है, जिसके लिए उसे कोई भी धनराशि नहीं देनी पड़ती है। साथ ही, इसके तहत रजिस्ट्रेशन करवाने से उन्हें भविष्य में किसी भी प्रकार की दिक्कत नहीं होती है। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि जीएसटी रजिस्ट्रेशन के सम्बन्ध में व्यापारियों में फैली भ्रांतियों को दूर किया जाए। इसके लिए सूचना विभाग के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने एलईडी वैन, होर्डिंग्स, पैम्फ्लेट, पुस्तिकाओं इत्यादि के माध्यम से जीएसटी के सम्बन्ध में व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। उन्होंने प्रधानमंत्री तथा मुख्यमंत्री के भाषणों को एलईडी के माध्यम से तहसील, ब्लाॅक तथा ग्राम पंचायत स्तर तक सक्रिय छोटे से छोटे व्यापारियों तक पहुंचाने के निर्देश दिये।


मुख्यमंत्री ने इस सम्बन्ध में व्यापार मण्डलों के माध्यम से व्यापारियों से संवाद स्थापित करते हुए उनमें जीएसटी के प्रति विश्वास पैदा करने के लिए कहा। इसमें व्यापारी कल्याण बोर्ड के पदाधिकारियों की भी मदद ली जाए। उन्होंने कहा कि व्यापारियों द्वारा जीएसटी में रजिस्ट्रेशन तथा रिटर्न फाइलिंग के सम्बन्ध में सरल भाषा में पठनीय सामग्री और प्रस्तुतिकरण तैयार कर उन्हें सूचित करें। उपभोक्ता से वसूला गया जीएसटी हर-हाल में राजकोष में पहुंचना चाहिए।


मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व संग्रह को बढ़ाने के लिए व्यापारियों का जीएसटी के दायरे में लाया जाना आवश्यक है। चालीस लाख रुपये टर्न-ओवर की सीमा से ऊपर वाले व्यापारियों को चिन्हित करते हुए उनका तत्काल रजिस्ट्रेशन सुनिश्चित कराया जाए। साथ ही, उन्हें रिटर्न फाइलिंग की प्रक्रिया के विषय में सरल भाषा में जानकारी दी जाए। उन्हें समयबद्धता के साथ रिटर्न फाइलिंग करने के लिए कहा जाए। इसके फायदों के विषय में भी उन्हें सूचित किया जाए। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हाल ही में कई नगर निगमों, नगर पंचायतों इत्यादि का सीमा विस्तार किया गया है। ऐसे में इन क्षेत्रों में काम करने वाले व्यापारियों को जीएसटीी रजिस्ट्रेशन के दायरे में लाया जाए। उन्होंने समीक्षा बैठक के दौरान यह निर्देश दिये कि ब्राण्डेड सामान बेचने वाली कम्पनियों के साथ वार्ता कर उन्हें बताया जाए कि वे अपना माल ऐसे व्यापारियों को न विक्रय करें जिनका जीएसटी रजिस्ट्रेशन नहीं है।





उन्होंने सभी अपर आयुक्तों को फील्ड विजिट के भी निर्देश दिये। इस अवसर पर किये गये प्रस्तुतिकरण के दौरान मुख्यमंत्री को पिछली बैठक में निर्देशों के अनुपालन की अद्यतन स्थिति, राजस्व प्राप्तियों, जीएसटी संग्रह की स्थिति, व्यापारियों द्वारा रिटर्न फाइलिंग की तुलनात्मक स्थिति, रिटर्न नाॅनफाइलर्स और बोगस फर्माें के विरुद्ध कृत कार्यवाही, पंजीकृत व्यापारियों की संख्या में वृद्धि के लिए चलाये गये अभियान इत्यादि के विषय में विस्तृत जानकारी दी गयी।


समीक्षा बैठक एवं प्रस्तुतिकरण के दौरान वित्त मंत्री सुरेश खन्ना, अपर मुख्य सचिव वाणिज्यकर आलोक सिन्हा सहित वाणिज्यकर विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

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