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योग: कर्मसु कौशलम् ~कर्मों में कुशलता का नाम योग है

योग: कर्मसु कौशलम् ~कर्मों में कुशलता का नाम योग है

मुजफ्फरनगर योगः कर्मसु कौशलम्।अर्थात अपने कार्य को कुशलता पूर्वक करना ही योग है।योग हमें यही शिक्षा देता है।उक्त विचार भारतीय योग संस्थान के तत्वावधान में संचालित निःशुल्क योग साधना केंद्र ग्रीन लैंड माडर्न जू हाई स्कूल मुजफ्फर नगर में संस्थान के प्रान्तीय कार्यकारिणी सदस्य एवं जनपद प्रभारी योगाचार्य सुरेन्द्र पाल सिंह आर्य ने नैपुण्य कक्षा में दिए ।

योगाचार्य सुरेन्द्र पाल सिंह ने बताया कि योग हमें किसी भी कार्य को करने की कुशलता प्रदान करता है।एक योगी व्यक्ति समय के सही प्रबंधन के द्वारा अपने जीवन को ठीक प्रकार से व्यतीत करना सीख जाता है जिससे उसको जीवन का समस्त सुख प्राप्त होता है और वह मनुष्य जीवन के लक्ष्य धर्म, अर्थ,काम व मोक्ष को आसानी से प्राप्त कर लेता है।उन्होंने कहा कि किसी भी आसन को धीरे-धीरे करने तथा आसन की पूर्ण स्थिति में उचित समय तक रूकने पर ही साधक को आसन का पूरा- पूरा लाभ लाभ मिलता है।

पूर्व जिला प्रधान पवन सिंह बालियान ने कहा कि उच्च कोटि की साधना केंद्र लिए आसनो की संख्या अधिक होने की बजाय उसकी गुणवत्ता पर ध्यान देना चाहिए।

नवनिर्वाचित जिला प्रधान राजसिह पुण्डीर ने कहा कि भारतीय योग संस्थान के सभी योग साधना केंद्रो पर समय -समय पर साधक एवं साधिकाओं के आसनो व प्राणायाम में गुणवत्ता लाने के लिए दक्षता कक्षाओ का आयोजन किया जाता है।साधक एवं साधिकाएं यदि आसन और प्राणायाम ठीक से नही कर पाएँगे तो उनको अपेक्षित लाभ नहीं होगा।

इस अवसर पर सत्यवीर सिंह पंवार,वीर सिंह,क्षेत्रीय प्रधान राजीव रघुवंशी,केंद्र प्रमुख नीरज बंसल,राजपाल,राजकिशोर,योग शिक्षक यज्ञ दत्त आर्य, अनीता चौधरी,पूनम वर्मा ,महिमा,कामेश मलिक,मुनेश मान आदि साधक एवं साधिकाओं ने भाग लिया।

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